नवरात्रों में घर ले आएं ये 5 चीजें, बरसेगा धन, मिटेंगे सारे कष्ट

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हिंदूओं का त्योहार नवरात्रे साल में दो बार आते हैं। एक अक्टूबर के महीने में आते हैं जिसे माह नवरात्रि भी कहा जाता है और एक चैत्र नवरात्रि जो कि आज से शुरु हो गए हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म के मुताबिक चैत्र नवरात्रि से नए साल की शुरुआत होती है इस दिन से वर्ष के राजा, सेनापति, वर्षा और कृषि के स्वामी ग्रह का निर्धारण होता है। माना जाता है कि नवरात्रि का व्रत रखने से पूरे साल गृहों की स्थिति अनुकूल रहती है। आज अपने इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि के नौ दिनों में ऐसी कौन सी चीजे हैं जिन्हें खरीदना शुभ माना जाता है।

कमल के फूल पर विराजित माता रानी की फोटो

नवरात्रि के दिनों में देवी लक्ष्मी की कमल पर विराजित फोटो जरुर लेकर आएं। फोटो खरीदते समय ध्यान दें कि माता लक्ष्मी के हाथों से धन की वर्षा हो रही हो। कहा जाता है की ऐसा करने से धन और स्मृद्धि आती है।

मोर पंख

माँ सरस्वती का प्रिय है मोरपंख नवरात्रि में मोर पंख जरुर खरीदें। खरीदें हुए मोर पंख को अपने मंदिर के सामने रखे और नवरात्रि खत्म होने के बाद उसे अपने बच्चों के कमरे में रख दें।

सोना या चांदी का सिक्का

नवरात्रि के दिनों में अपने घर में चांदी या सोने के सिक्के लाना शुभ माना जाता है।

मौली

इसे कलावे के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसमें त्रिदेव यानि ब्रह्मा,विष्णु और महेश का वास होता है। माना जाता है कि नवरात्रे के पहले दिन मौली को अपने हाथ में जरुर बांधे, ऐसा करना शुभ माना जाता है।

चैत्र नवरात्रि मनाने की महत्वता

अगर ज्योतिष की नजर से देखा जाए तो चैत्र नवरात्रि का कुछ खास महत्व है क्योंकि इस नवरात्रि के दौरान सूर्य की राशि परिवर्तन होती है। सूर्य 12 राशियों में अपने भ्रमण को पूरा करते हैं और फिर से अपना अगला चक्र पूरा करने के लिए मेष रशि में प्रवेश करते हैं। ऐसा माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि के दिन आदिशक्ति पृथ्वी पर प्रकट हुई थी और ब्रह्मा जी से सृष्टि की रचना के लिए कहा और इस दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना का कार्य निर्माण शुरू किया। चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप का अवतार लेकर पृथ्वी की रचना की थी।

इसके अलावा इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। दरअसल ऋतु के बदलने से जो बीमारीयां उत्पन्न होती हैं, जिन्हें अंत करने के लिए हवन पूजा किया जाता है, जिसके इस्तेमाल से वातावरण में उपस्थित सभी बैक्टीरिया मर जाते हैं।

नवरात्रि पूजा करने की विधि

नवरात्रि के दिन देवी के साधक मां जगदंबे की पूजा के लिए सुबह स्नान कर के कलश, नारियल-चुन्नी, श्रंगार का सामान, अक्षत, हल्दी, फल फूल सब एक जगह रख लें। माता की पूजा का कलश लोहे अथवा स्टील का ना हो।

एक पाटे पर लाल रंग का कपड़ा बिछाए उसके उपर थोड़े से चावल रख के उसके उपर कलश रखे। कलश पर आम के पत्ते लगा कर नारियल रखे और उस पर माता की चुनरी लगाए। कलश के उपर ‘ॐ’  और स्वास्तिक लिखें। पूजा आरम्भ के समय  ‘ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः’ कहते हुए अपने उपर जल छिड़के। माता की तस्वीर रखे जिसमें उनके नौ रूप साफ नजर आ रहे हो। एक घी का दीपक जलाए जिसे नौ दिन तक जलने दें। साथ ही घर में रोज हवन कर और पाथ करें। एक मिट्टी का बरतन लेकर आए और उसमें जौं बोएं।

व्रत में क्या खाएं

व्रत चाहें किसी भी तरह का हो। अपने व्रत को नियम पूर्वक ही पूरा करें। व्रत को पूरा करने के लिए संघर्ष करना होता है। इसलिए वर्त को पूर्ण विधि-विधान से किया जाना जरुरी है। व्रत के उनुसार फलाहार किया जाता है। केवल सेंधा नमक ही खाना, लहसुन-प्याज का पूर्ण परहेज।

व्रत में कुट्टू के आटे से बनी चीजे खाए, साबुदाना, फल खा सकते हैं।

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