फिल्मी दुनिया छोड़ नेता बने इन स्टार्स के उल्टे-सीधे बयान

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लोकसभा चुनाव 2019 में कई ऐसे अभिनेता हैं जो राजनीति में कदम रख चुके हैं। अभिनेताओं का नेता से संबंध बहुत पुराना है। कई बार ऐसा देखा गया है कि बॉलीवुड सितारें फ्लॉप होने के बाद राजनीति का रुख कर लेते हैं। आज अपने इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि उन एक्टर्स के बारे में जिन्होंने राजनीति के लिए फिल्मी दुनिया तो छोड़ दी लेकिन इन्हें अभी ये समझने की जरूरत है कि राजनीति में बयान सोच समझ कर दिए जाते हैं।

हेमा मालिनी

साल 2004 फरवरी में आधिकारिक तौर पर हेमा मालिनी ने भाजपा से जुड़कर राजनीति में कदम रखा था। चुनाव प्रचार के दौरान हेमा को मथुरा की गलियों में हेमा मालिनी कभी फसल काटती दिखीं, तो कभी ट्रैक्टर की सवारी करते। मथूरा से सासंद हेमा ने एक बार मथूरा में बंदरों की परेशानी को लेकर अजीब बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि-‘मथूरा-वृंदावन क्षेत्र में बंदरों को केवल फल खिलाने चाहिए। यहां आने वाले पर्यटकों ने उन्हें समोसे और फ्रूटी खिलाकर बिगाड़ दिया है।’

सनी देओल 

बीजेपी के टिकट पर गुरदासपुर से नामांकन भरने के बाद सनी देओल ने कहा था-‘ढाई किलो के हाथ की ताकत उनके समर्थकों से आती है।’ उन्होंने कहा था कि-‘मुझे राजनीति का ज्ञान नहीं है लेकिन मैं राष्ट्रभक्त हूं।’ अब आप खुद ही सोचिए राजनीति में बिना समझ के ही सनी देओल चुनाव लड रहे हैं।

उर्मिला मातोंडकार 

उत्तरी मुंबई सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने तो सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही अपनी निशाना साधा। उर्मिला ने कहा-‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना कोई वादा पूरा नहीं किया। 56 इंच का दावा करने वाले कुछ भी करने में बुरी तरह से विफल साबित हुए हैं।’

मनोज तिवारी 

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अमेठी में विवादस्पद बयान दिया था। मनोज ने कांग्रेस पर गौ हत्या का आरोप लगाते हुए कहा था कि-‘यह वही वानाड है जहां कांग्रेस के लोगों ने वीडियो बनाकर हमारी गौ माता की हत्या की थी।’

 

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