इस बड़ी वजह से पद्मश्री लौटाने की सोच रहे हैं सैफ अली खान!

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एक्टर सैफ अली खान इन दिनों लाइमलाइट में हैं। हाल ही में सैफ अरबाज खान के वेब शो ‘पिंच’ में पहुंचे थे। शो में अरबाज अपने गेस्ट के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स के मैसेज पढ़कर सुनाते हैं। इन सभी मैसेज में सैफ को लेकर ट्रोलर्स ने खूब खरी-खोटी सुनाई। सोशल मीडिया पर सैफ के ट्रोलर्स ने सैफ के छोटे बेटे तैमूर अली खान के नाम से जुड़ा विवाद, उन्हें मिले पद्मश्री सम्मान, रेस्टोरेंट में झगड़ा और उनकी एक्टिंग पर भी कई सवाल उठाए हैं।

आपको बता दें कि शो में सैफ को मैसेज पढ़कर सुनाया जिसमें लिखा था-‘सैफ एक ठग हैं, उन्होंने पद्मश्री सम्मान को खरीदा है, बेटे का नाम तैमूर अली खीन रखा और रेस्टोरेंट में झगड़ा भी किया, इन्हें एक्टिंग भी नहीं आती फिर ऑभीम उन्हें फिल्म मिल जाती है।’ इस यूजर के सवाल का जवाब देते हुए सैफ ने कहा-‘पहली बात जो लिखी है कि मैं ठग हूं, वो मैं नहीं हूं। लेकिन बाकी सब बातें सही हैं, लेकिन मुझे लगता है पद्मश्री जैसे सम्मान को खरीदने वाली बात सही नहीं है। इस सम्मान को खरीदना सहा नहीं है। यह बहुत महंगा पड़ेगा, मतलब भारतीय सरकार को घूस देने की मेरी औकात नहीं है, इस बात का पता लगाने के लिए सीनियर लोगों से पूछना होगा।


सैफ ने अपनी बात को रखते हुए आगे कहा कि-‘फिल्म इंडस्ट्री में मुझसे ज्यादा होनहार और काबिल एक्टर्स हैं। पद्माश्री सम्मान मुझे नहीं लेना चाहिए था। कई सीनियर आभिनेता आज भी ऐसे हैं जिन्हें ये सम्मान अभी तक नहीं मिला है, यह मेरे लिए बहुत शर्म की बात है। यह सम्मान कुछ ऐसे भी लोगों को मिला है जो मुझसे भी कम काबिल है। अब मैं ये चाहता हूं कि मैं ये सम्मान वापस कर दूं। जब ये सम्मान मुझे दिया जा रहा था तब मेरेे पिता ने मुझसे कहा था कि तुम अभी इस लायक नहीं हो की तुम इस सम्मान को लेने से मना कर दो। मैंने कहा ठीक है और खुशी-खुशी सम्मान ले लिया।’

आपको बता दें कि इसके अलावा भी सैफ ने कहा कि-‘मैंने सोचा था कि आज नहीं तो कल मैं शायद कुछ ऐसा काम करुंगा, जिससे इस सम्मान के लायक बन पाऊं, तब लोग मुझे इस सम्मान के लिए सही भी समझेंगे।’ सोफ ने इसके अलावा तैमूर के नाम पर हुए विवाद को लेकर भी कहा कि-‘मुझे इस नाम से कोई परेशानी नहीं है ना ही मुझे इस नाम में कोई बुराई नजर आती है। यह नाम मुझे बहुत खूहसूरत लगता है।’


सैफ ने शो में तैमूर के नाम का मतलब भी बताया था, उन्होंने कहा कि-‘इसका मतलब आयरन होता है। यह नाम एक मजबूती का प्रतीक है कि मैंने शासक तैमूरलंग जो इतिहासा में एक खूनी योद्धा के रूर में मशहूर था। इसलिए मैने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा था। तैमूर और तिमूर दो अलग-अलग शब्द हैं।’

 

 

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