क्रिकेटर से कैसे ‘शोले के सांभा’ बने थे मैकमोहन?, इस फिल्म की शूटिंग के बाद कभी नहीं आए फिल्मों में नजर

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फिल्म शोले के सांभा को कौन भूल सकता है। एक्टर मैकमोहन को आज भी लोग उनके इस किरदार की वजह से जानते हैं। कराची में जन्में इस एक्टर का 10 मई 2010 को बीमारी के चलते निधन हो गया था। बता दें कि ये एक्टर रिश्ते में रवीना टंडन के मामा लगते हैं। आज हम अपने इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे उनकी जिंदगी से जुड़ी दिलचस्प बातें।

आपको बता दें कि मैकमोहन के पिता भारत में ब्रिटिश आर्मि में कर्नल थे। साल 1940 में उनके पित का ट्रांसफर लखनऊ हो गया था। मैकमोहन को बच्पन में क्रिकेटर बनना था। वो उत्तर प्रदेश की क्रिकेट टीम के लिए भी खेले थे। फिर एक समय ऐसा आया जब उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें एक क्रिकेटर ही बनना है और क्रिकेट की अच्छी ट्रेनिंग सिर्फ मुंबई दी जाती थी। जिसके बाद वो साल 1952 में मुंबई चले गए। मुंबई जाकर जब उन्होंने रंगमंच देखा तो उनकी रुचि एक्टिंग की तरफ पैदा हो गई।

बता दें कि गीतकार की पत्नी शौकत कैफी को एक नाटक के लिए दुबले-पतले शख्स की जरुरत थी। मैकमोहन के किसी दोस्त ने उन्हें इसके बारे में बताया था। उस समय उन्हें पैसों की जरुरत थी। पैसे कमाने के लिए उन्होंने शौकत कैफी से नाटक में काम मांगने के लिए मुलाकात की और यहीं मैकमोहन ने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था।

साल 1964 में उन्होंने फिल्म ‘हकीकत’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 46 साल के करियर में उन्होंने करीब 175 फिल्मों में काम किया लेकिन उनका जे किरदार सबसे लोकप्रिय रहा वो था फिल्म शोले के सांभा का। इस फिल्म में उनके साथ अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, जया बच्चन, अमजद खान और संजीव कपूर थे। इस फिल्म में भले ही उनका किरदार छोटा सा था लेकिन उन्होंने इससे हमेशा के लिए अपनी पहचान बना ली थी।

जब उन्होंने फिल्म अतिथि तुम कब जाओगे की शूटिंग की तब उनकी तबियत खराब हो गई थी। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में दाखिला किया गया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके फेफड़े में ट्यूमर है। काफी लंबे समय तक उनका इलाज चला लेकिन साल 2010 में उन्होंने अपनी आखिरी सांस भरी।

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